पेड़ लगाओ, कल बचाओ – महिला महासभा का संदेश

महिला महासभा की अलग – अलग शाखाएं सदैव प्रकृति को बचाने का संदेश देती है इसी कड़ी में महिला महासभा की टीम ने पौधारोपण करके जन जन को संदेश दिया कि पेड़ है तो हम है नहीं तो कुछ भी नहीं । वृक्षो को सुरक्षित रखने के लिए हमे वृक्षारोपण की आवश्यकता है । क्योंकि […]

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श्रवणबेलगोला का इतिहास

भारत के सात भारत के सात आश्चर्यों में शामिल श्रवणबेलगोला। ज्ञात हो कि भारत के 7 महान आश्चर्य निम्न हैं- श्रवणबेलगोला (कर्नाटक, गोमतेश्वर), हरमंदिर साहिब (पंजाब-अमृतसर, स्वर्ण मंदिर), ताजमहल (आगरा), हाम्पी (उत्तरी कर्नाटक), कोणार्क (उड़ीसा), नालंदा (बिहार), खजुराहो (एमपी)। श्रवणबेलगोला प्राचीन तीर्थस्थल कर्नाटक राज्य के हासन जिले में स्थित है। यह भारतीय राज्य कर्नाटक के […]

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पीपल के औषधीय उपयोग

अकेला ऐसा पौध जो दिन और रात दोनांे समय आक्सीजन देता है। पीपल के ताजा 6-7 पत्ते लेकर 400 ग्राम पानी में डालकर 100 ग्राम रहने तक उबालें, बर्तन एल्यूमीनियम का नहीं हो, आपका हृदय एक ही दिन में ठीक होना शुरू हो जाएगा। पीपल के पत्तों पर भोजन करें, लीवर ठीक हो जाता है। […]

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कपालभाती यह केवल एक प्राणायाम ही नही, बल्कि स्वंय को पूर्ण करने वाली क्रिया है

सुभाष चन्द जैन डाॅ. घोसालकर, डठठै, ने कपालभाती के विषय में अच्छी जानकारी दी है। कपालभाती को बीमारी दूर करनेवाले प्राणायाम के रूप में देखा जाता है। मैंने ऐसे मरीजों को देखा है, जो बिना बैसाखी के चल नहीं पाते थे, लेकिन नियमित कपालभाती करने के बाद उनकी बैसाखी छूट गई और वे ना सिपर्फ […]

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वैज्ञानिक डाॅक्टर विक्रम साराभाई

विद्यावाचस्पति डाॅ. अरविन्द प्रेमचंद जैन विक्रम अंबालाल साराभाई भारत के प्रमुख वैज्ञानिक थे। इन्होंने 86 वैज्ञानिक शोध् पत्रा लिखे एवं 40 संस्थान खोले। इनको विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्रा में सन 1966 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। डाॅ. विक्रम साराभाई के नाम को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से अलग […]

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अन्याय से धन कमाने की अपेक्षा दरिद्र रहना अच्छा

विद्यावाचस्पति डाॅ. अरविन्द प्रेमचंद जैन अन्याय से ध्न कमाने की अपेक्षा दरिद्री रहना अच्छा है। वर्षा के जल से कभी नदी में बाढ़ नहीं आती जब तक की उसमंे नाले और नालियों का पानी न मिले। मनुष्य भौतिक सुविधओं के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है। उसे बाह्य सामग्री में सुख मिलता हैं […]

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चारित्रा चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर महाराज का जीवन चरित्रा तथा संस्मरण

शान्तिसागर जी महाराज पर सर्प ने दो बार उपसर्ग किया तथा इनके सामने शेर कई बार आया था मुक्तागिरी में, श्रवणबेलगोला में, सोनागिरी सि( क्षेत्रा में, द्रोणगिरी में इत्यादी। आचार्य श्री प्रतिदिन आगम के 50 पन्नांे का स्वाध्याये करते थे, आचार्य पद सम्डोली, महाराष्ट्र में प्राप्त हुआ था, गजपंथ सि( क्षेत्रा में आचार्य श्री को […]

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पृथ्वी शेषनाग पर नहीं बल्कि हमारे विश्वास पर टिकी हैः आचार्य प्रसन्नसागर जी महाराज ग्वालियर किरण।

निमियाघाट/कोडरमा – अहिंसा संस्कार पदयात्रा के प्रणेता साध्ना महोदध् िभारत गौरव उभय मासोपासी आचार्य प्रसन्नसागर जी महाराज निमियाघाट के सहस्त्रा वर्ष पुरानी भगवान पारसनाथ की वरदानी छांव तले विश्व हितांकर विघ्न हरण चिंतामणि पारसनाथ जिनेंद्र महाअर्चना महोत्सव पर भक्त समुदाय को संबोध्ति करते हुए। अंतर्मना प्रसन्नसागरजी ने कहा – जीवन में जो महत्व श्वास का […]

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जीवन में अर्थी उठे उससे पहले अर्थ को समझ लें: मुनि मुनि श्री सबुद्ध सागर जी महाराज

रामगंजमंडी समाज की ने नगर आगमन एवं वर्षायोग हेतु किया श्रीपफल भेंट कोटा ;विश्व परिवारद्ध। आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य मुनि द्वय मुनि श्री 108 संबु( सागर जी महाराज व मुनि श्री 108 सक्षम सागर जी महाराज आर. के. पुरम स्थित श्री 1008 श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन त्रिकाल चैबीसी मंदिर […]

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महाराष्ट्र के धुलिया में मिली नंदीश्वर द्वीप की प्राचीन प्रतिमा

महाराष्ट्र के ध्ुलिया जिले के अंतर्गत दोंडाईचा से 4 किमी दूरी पर रामी गांव के किसान गंगाबाई रामभाऊ माल के खेत में हल चलाते समय पंचधतु की 11 इंच ऊंची नंदीश्वर द्वीप की प्राचीन प्रतिमा प्राप्त हुई, जो 2000 वर्ष प्राचीन है, जिसका वजन 4 किलो 250 ग्राम है, यह प्रतिमा जैन पुरातत्व तथा मूर्ति […]

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